चीन से लड़ाई में भारत को मिला अमेरिका का साथ !

चीन की साजिश कैसे हुई फ़ैल ?

चीन की सभी साजिश हो गई फ़ैल चीन ने पहले गलवान घाटी पर कब्ज़ा करने की सोची लेकिन भारत के सैनिको ने चीनी सैनिको को मुँह तोड़ जवाब दिया और वही चीन ने गलवान घाटी में काम करना शुरू कर रखा था यह बात satellite तस्वीरो से सामने आई है कैसे चीन गलवान घाटी में निर्माण कर रहा है। 

India And America Together Against China !
इंडियन आर्मी 


चीन के खिलाफ भेजी भारत ने सेना ?

चीन के खिलाफ भेजी भारत ने सेना जैसे की आपको पता ही होगा की चीन किस तरह बॉर्डर पर अपनी सेना मौजूदगी बढ़ा रहा है चीन बैठक में तो पीछे हटने की बात पर सहमति जता देता है और असल में वह ऐसा नहीं करता बल्कि इसके उलट वह अपनी सेना की संख्या और बढ़ा रहा है इसी का जवाब देने के लिए भारत सरकार ने इंडियन आर्मी की संख्या बढ़ा दी जहा पहले प्लाटून पेट्रोलिंग पर जाते थे अब वह कंपनी पेट्रोलिंग पर जाती है। 

आपको बतादे प्लाटून और कंपनी में क्या अंतर है, प्लाटून उसे कहते है जब टीम में 30 जवान होते है और वह पेट्रोलिंग पर जाते है और कंपनी वह होती है जिसमे 100 जवान होते है और वह पेट्रोलिंग पर जाते है इसका फैसला भारत सरकार ने बॉर्डर की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए किया और चीन को उसी की भाषा में जवाब दिया गया। 


ब्रिटैन के प्रधान मंत्री ने दिया बयान !

ब्रिटैन के प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने एक बयान में कहा की भारत और चीन को लद्दाख सीमा विवाद को बातचीत करके सुलझाना चाहिए और उन्होंने यह भी कहा की हम इस स्थिति में पूरी नजर बनाए हुए है आपको बतादे ब्रिटैन के प्रधान मंत्री का यह पहला आधिकारिक बयान है। 


अमेरिका के विदेश मंत्री का चीन पर बयान !

अमेरिका के विदेश मंत्री पोम्पिओ ने गुरुवार को एक बहुत बड़ा बयान दिया और कहा चीन पूरी दुनिया के लिए बहुत बड़ा खतरा है और हम अपनी सेना की सभी महत्पूर्ण सामानो की समीक्षा कर रहे है ताकि चीन की PLA से मुकाबला कर सके। पोम्पिओ ने यह भी कहा चीन से उसके पड़ोसी देशो को बहुत बड़ा खतरा है जैसे :- भारत, मलेशिया, कम्बोडिया, इण्डोनेशिया और दक्षिण चीन सागर इन सभी को चीन से बहुत बड़ा खतरा है। 

अमेरिका अपनी सैन्य ताकत को जर्मनी में कम कर रहा है उसने अपने 52000 सैनिको में से 25000 सैनिक जर्मनी में कर दिए और बाकी सैनिको को वह से निकल लिया। अमेरिका के विदेश मंत्री पोम्पिओ का शुक्रवार को बयान आया की वह भारत के साथ है चीन की इस लड़ाई में। 


भारत ने सीमा में बढ़ाये सैन्य उपकरण !

भारत ने चीन और भारत सीमा में बढ़ाए अपने जवान और आर्टिलरी सामान सेना ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है चीन से निपटने की भारतीय सेना ने बॉर्डर पर तोप की नियुक्ति भी कर ली है और भीष्म टैंक 90 भी तैनात कर दिए है चीन से निपटने के लिए और वायु सेना ने पहले ही अपनी तैयारी कर रखी है सुखोई 2000, मिग 29, चिनूक, अपाचे जैसे घातक लड़ाकू जहाज तैनात कर रखे है जो वक़्त वक़्त पर सीमा पर नजर भी रख रहे है। 


चीन ने की गलती तो होगा चीन खत्म ?

इस वक़्त कुछ ऐसी ही हालत है चीन की अगर चीन ने कोई गलती करी या फिर भारत के साथ धोखा किया तो चीन की यह सबसे बड़ी गलती होगी भारत ने अपनी सेना को बॉर्डर पर तैयार कर रखा है और वह हर तरह से चीन के धोके का मुँह तोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। 


शुक्रवार को चीन के विदेश मंत्री का बयान !

आज के दिन चीन के विदेश मंत्री का बयान आया है की "भारत कोई भी कारवाई न करे बॉर्डर पर" इस बयान को को देख कर यही लगता है की चीन की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गयी है और उसे अब भारत की ताकत से दर लगने लग गया है क्यूंकि चीन की सेना को वीडियो बनके प्रोपोगेंडा चलाना आता है वही भारतीय सेना को लड़ने में महारत हासिल है और कहा जाता है की चीन ने अपनी सेना की संख्या सिर्फ दिखाने के लिए बढ़ा रखी है कहा जाता है उसकी 20% आर्मी को लड़ना भी नहीं आता है। 

चीन आ रहा है बैकफुट पर ?

भारत की चौतरफा घेरा बंदी से चीन की हालत हो रही है खराब और वह आ रहा है बैकफुट पर अब चीन को बैकफुट पर आने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। अमेरिका ने बयान देकर उड़ाए चीन के होश वही भारत ने अपनी सैन्य कारवाई करके चीन को बैकफुट पर लाकर खड़ा कर दिया है चीन को साथ वही पकिस्तान चुप चुप कर दे रहा है भारत पर सीजफायर करके और भारत भी इसका मुहतोड़ जवाब दे रहा है पकिस्तान को। पाकिस्तान को दर सता रहा है की कही भारत POK पर कब्ज़ा न करले इसलिए पाकिस्तान ने अपनी सेना को POK में भारी संख्या में तैनात कर दिया है और ऐसा उसने चीन के साथ बातचीत कर के किया।  


चीन की विस्तार नीति !

आपको बतादे की चीन हमेशा से ही विस्तार नीति के नक़्शे कदम पर चला है वह हमेशा अपने से छोटे देशो को डराता है और उनकी जमीनों पर कब्ज़ा कर लेता है कहा जाता है की चीन ने अपना देश ऐसे ही बनाया है चीन ने आधे से ज्यादा देश दुसरो की जमीनों को कब्जे में करके बनाया है वही वह हांगकांग को भी अपने मिलाना चाहता है लेकिन हांगकांग की जनता वह हमेशा चीन का विरोध करती रहती है। चीन अपने देश में किसी को भी अपने देश की खबर बहार नहीं पहुंचाने देता और उनकी साइबर टीम हर वक़्त अपने देश के जनता पर सोशल मीडिया में नजर बनाये रखती है। 

चीन से हर पडोशी देश के साथ विवाद होता रहता है जापान से भी उसका सीमा विवाद चलता रहता है और वह जापान की जमीन भी अपने कब्जे में करना चाहता है। और आजकल तो चीन नेपाल की जमीन हड़प चूका है और नेपाल सरकार का चीन को सपोर्ट शामिल है और नेपाल को पैसो को लालच देकर चीन नेपाल को भारत के खिलाफ खड़ा कर रहा है और नेपाल भी इसमें चीन का काफी साथ दे रहा है। 


नेपाल सरकार ने पास कराया नया नक्शा !

नेपाल की सरकार ने भारत के कुछ हिस्सों को अपने नक़्शे में शामिल किया जिसका विरोध भारत ने जताया और नेपाल को बताया लेकिन नेपाल के ऊपर चीन का हाथ है इसलिए उसने इसे नहीं माना और विवादित नक़्शे को सदन में पास करा दिया। 


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