पढ़िये दो सबसे ज्यादा प्रेरक हिंदी कहानिया

पढ़िये दो सबसे ज्यादा प्रेरक हिंदी कहानिया (Padhiye Do Sabse Jyada Prerak Hindi Kahaniya) :-  दोस्तों आज में आपको एक ऐसी दो Hindi Kahaniyan सुनाने जा रहा हूँ जिसको पढ़के आपको मजा आएगा और और आपको कुछ सीखने को मिलेगा उम्मीद करता हो आपको ये कहानिया आपको पसंद आए दोस्तों यह Hindi Kahaniya New है जो अपने पहले नहीं सुनी होगी आप बहुत बार Hindi Kahaniyan New गूगल पर डालकर ढूंढ़ते हो परन्तु आपको नई हिंदी कहानिया नहीं मिलती तो में आपके लिए दो ऐसी नई हिंदी कहानियां लेकर आया हूँ जो आपको काफी पसंद आएगी।

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 (Padhiye Do Sabse Jyada Prerak Hindi Kahaniya)





पढ़िये दो सबसे ज्यादा प्रेरक हिंदी कहानिया (Padhiye Do Sabse Jyada Prerak Hindi Kahaniya)


1. दयालु कुल्फी वाली अम्मा की कहानी 


दयालु कुल्फी वाली अम्मा की कहानी
दयालु कुल्फी वाली अम्मा की कहानी 


बहुत समय पुरानी बात 

दोस्तों यह कहानी एक कुल्फी वाली अम्मा की जो मयूरगंज में रहा करती थी और वह कुल्फी बना कर बेचा करती थी वह घर में अकेला रहा करती थी और कुल्फी बेच कर ही अपना घर चलाती थी वह रोज सुबह जल्दी उठके कुल्फी बनाया करती थी और फिर बेचने जाया करती थी।

कुल्फी बेचने चली अम्मा 

तो वह एक सुबह कुल्फी बनाकर बेचने चली और एक बच्चा आया और बोला अम्मा एक कुल्फी कितने की है तो अम्मा ने जवाब दिया की बेटा 5 रुपए की तो बच्चे ने कहा अम्मा मेरे पास तो सिर्फ 1 रुपए है तो अम्मा ने बोला लाओ 1 रुपए और कुल्फी बच्चे को देदी।

अम्मा की दरिया दिली 

यह सब जब एक अम्मा की पडोसी ने देखा तो बोला की अगर अम्मा आप 5 रुपए की कुल्फी 1 रुपए में दे दोगी तो आपको तो नुक्सान होगा तब अम्मा ने बोला बेटा मुझे तो इन बच्चो को कुल्फी खाते हुए देखना पसंद है और यह कहते हुए अम्मा आगे निकल पड़ी।

अम्मा ने कुत्ते को बचाया 

और जब अम्मा सड़क से गुजर रही थी तभी उन्हें एक कुत्ता रोड पर गर्मी से बुरी हालत में था उस समय गर्मी अपने प्रचंड रूप में थी और तभी अम्मा ने अपने डिब्बे से एक कुल्फी निकाली और उस कुत्ते को देदी और कुत्ता कुल्फी खाने के बाद अम्मा के पीछे पीछे आने लगा और अम्मा के साथ रहने लगा।

अम्मा से कुल्फी वाली अम्मा बनी 

और ऐसे धीरे धीरे करके अम्मा की कुल्फी बच्चो को पसंद आने लगी और बच्चो ने अम्मा का नाम कुल्फी वाली अम्मा रख दिया जब भी बच्चे अम्मा को देखते तो वह सब उनके पास दोडके और चिल्लाते हुए आते कुल्फी वाली अम्मा आ गयी - कुल्फी वाली अम्मा आ गयी....... और अम्मा को यह देखके काफी खुशी होती अम्मा को बच्चो की खुशी बहुत पसंद थी।

आइसक्रीम वाले का अम्मा से जलना 

अब अम्मा की कुल्फी बच्चो के बीच काफी मशहूर हो गयी थी और उनकी कुल्फी के लिए बच्चो की काफी भीड़ उनके पास कुल्फी खाने के लिए आ जाती थी और यही बात एक दूसरे आइसक्रीम वाले को खटकने लगी की अगर यह बुढ़िया अगर यूही आती रही तो मेरे आइसक्रीम का धंदा चौपट हो जायेगा और वह निश्चित करता है की वह उस बुढ़िया के घर जयेगा।

आइसक्रीम वाले का जाल 

अब आइसक्रीम वाला अम्मा के घर पहुँचता है और अम्मा से बोलता है, अम्मा आप रोज अपना डिब्बा लेकर पुरे गाँव में घूमती हो और थक भी जाती हो इससे अच्छा आप मुझे कुल्फी बेच दिया करो और में आपकी कुल्फी बेच दिया करूँगा यह बात सुनकर अम्मा ने आइसक्रीम वाले को मना कर दिया।

आइसक्रीम वाले के होश ठिकाने आए 

आइसक्रीम वाला वहा से चला गया, और एक दिन जब अम्मा कुल्फी लेकर सड़क से जा रही थी तो आइसक्रीम वाले ने अम्मा को जाते हुए देखा और अपनी साइकिल से उसका पीछा करने लगा और उसका इरादा अब अम्मा को टक्कर मरकर अम्मा की सारी कुल्फी गिराने का था जैसे ही वह पास आता है तो तभी उसे अम्मा का कुत्ता देख लेता है और वह आइसक्रीम वाले पर भौखता है और डरकर आइसक्रीम वाला हड़बड़ाहट में खुद साइकिल से गिर जाता है और उसकी सारी आइसक्रीम जमीन पर गिर जाती है।


तो दोस्तों हमको इस हिंदी कहानी से यह सीख मिलती है की अच्छाई और दया का फल हमेशा अच्छा ही मिलता है और जो लोग दुसरो पर दया करते है भगवन उनकी सभी मुश्क़िल दूर करते है तो दोस्तों आप भी किसी जरूरतमंद की मदद अवश्य करे।   



2. चालक भेड़ माँ की कहानी 

तो दोस्तों यह हिंदी कहानी है एक चालक भेड़ माँ की जो अपने बच्चो को बचाने के लिए जंगल जाती है जंगली जानवरो से बचाने चलो देखते है भेड़ माँ ने कैसे अपने बच्चे को बचाया।
चालक भेड़ माँ की कहानी
चालक भेड़ माँ की कहानी 


भेड़ माँ का घर 

यह कहानी है एक माँ भेड़ की जो अपने 3 बच्चो के साथ एक नदी के किनारे एक आदमी के यहाँ रहा करती थी उसके तीन बच्चो में से एक बच्चा काफी शरारती था और उस भेड़ माँ को इस बात का दर लगा रहता था की वह कहि नदी के किनारे वाले जंगल में ना चला जाए इसलिए वह हमेशा उनको गाइड करती रही थी की वहां मत जाना।

बच्चा चला जंगल की ओर 

एक दिन भेड़ के मालिक से एक आदमी से बात कर रहा था तो तभी उन्होंने बातचीत करते समय जंगल की बात करी और बोले की जंगल में तो चारो तरफ हरी हरी घास है और इस बात को भेड़ के शरारती बच्चे ने सुन लिया और बस देखते ही देखते वह निकल पड़ा जंगल की ओर।

भेड़ माँ गयी जंगल की ओर 

कुछ समय बाद जब माँ भेड़ ने अपने तीसरे बच्चे को नहीं देखा तो वह उसे ढूढ़ने लगी और जब वह नहीं मिला तो उसे ढूढ़ने वह जंगल की और निकल पड़ी और तभी उसने देखा की उसके बच्चे को तो चार लक्कड़बग्घों ने घेर रखा है और आपस में बात कर रहे है कि आज तो ताजा ताजा शिकार खाने को मिलेगा बहुत दिन हो गए कोई ताजा शिकार नहीं खाया तभी भेड़ माँ वह पहुँचती है।

भेड़ माँ का लक्कड़बग्घों से सामना 

जैसे ही भेड़ माँ लक्कड़बग्घों के पास पहुँचती है तो उसे देखकर लक्कड़बग्घों के मुँह में पानी आ जाता है और कहते है वाह आज तो 250 ग्राम मीट के साथ 1 किलो मीट फ्री तभी भेड़ माँ उन्हें जवाब देती है।

भेड़ माँ :- खबरदार जो हमें खाया तो, अगर तुमने हमें खाया तो फिर तुम्हे मरने से कौन बचाएगा।

लक्कड़बग्घों का जवाब :- क्या हमें कौन बचाएगा ? और हसने लगे........

भेड़ माँ :- हाँ तुम्हे, तुम्हे पता नहीं मै और मेरा बच्चा इस जंगल में क्यों घूम रहे है

लक्कड़बग्घों का जवाब :- क्यों ?

भेड़ माँ :- तो सुनो मै और मेरा बच्चा जंगल के राजा का भोजन है जंगल के राजा ने हमें यहाँ रुकने को बोला है।

लक्कड़बग्घों का जवाब :- अगर हम तुम्हे और तुम्हारे बच्चे को खाले तो जंगल के राजा को पता कैसे चलेगा।

भेड़ माँ :- जरा उधर देखो उस हाथी को जंगल के राजा ने हमपर नजर रखने को रखा है और तभी हाथी लक्कड़बग्घों को देखकर चिहाड़ने लगता है।

लक्कड़बग्घों का जवाब :- यह देखकर चारो लक्कड़बग्घे आपस में बातचीत करने लगते है और कहते है इन माँ और बच्चो को खाकर हम अपनी जान को क्यों डाव पर लगाए और वह भेड़ माँ और उसके बच्चे को वहां से जाने देते है और भेद माँ अपने बच्चे को लेकर भागने लगती है।

भेड़ माँ का हुआ जंगल के राजा से सामना 

कुछ समय दौड़ने के बाद भेड़ माँ और उसके बच्चे का सामना सही में जंगल के राजा शेर से हो गया और शेर को देखकर भेड़ माँ और बच्चा कापने लगा और तभी भेड़ माँ ने साहस से काम लिया और खुद को संभाला, तभी शेर ने उनको रोका।

शेर का सवाल :- रुको रुको इतनी जल्दी में कहा जा रहे हो ?

भेड़ माँ का जवाब :- कही नहीं शेर जी हम तो बस खेल रहे थे।

शेर का सवाल :-  अच्छा खेल रहे थे चलो आज कितने दिनों बाद में शिकार करूँगा और ताजा शिकार खाऊंगा।

भेड़ माँ का जवाब :-  नहीं शेर जी आप हमें नहीं खा सकते।

शेर का सवाल :- क्यों मै तुम्हे क्यों नहीं खा सकता ?

भेड़ माँ का जवाब :-  क्यूंकि शेरनी ने हमें यहाँ पर छोड़ा है और बोला है की कही जाना मत में अभी आती हूँ उसके बाद में तुम दोनों को अपने पति के पास ले जाउंगी।

शेर का सवाल :- अच्छा ! यह बात मै कैसे मानु की तुम दोनों को शेरनी ने यहाँ रुकने के लिए बोला है ?

भेड़ माँ का जवाब :- यकीन नहीं होता तो वहा देखो उस कौए को शेरनी ने हमारी निगरानी करने के लिए यहाँ छोड़ा हुआ है आप उसे कितना भी भगाने की कोशिश कर लो वह यहाँ से नहीं जाएगा।

शेर का सवाल :- शेर तभी दहाड़ लगाता है और कौए को भगाने की कोशिश करता है लेकिन कौआ उड़के फिर वही आकर बैठ जाता है और शेर बोलता है तुम सही बोल रही हो शेरनी ने उसे जरूर तुम दोनों पर नजर रखने के लिए यहाँ छोड़ा है और बोलता है की तुम दोनों को तो वैसे भी शेरनी मेरे पास ही लेकर आएगी और यह कहकर शेर वहां से निकल जाता है और भेड़ माँ अपने बच्चे के साथ वहा से भागती है।

भेड़ माँ का हुआ शेरनी से सामना 

भेड़ माँ अपने बच्चे को लेकर वहा से भागती है और तभी थोड़ी दूर जाकर भेड़ माँ और बच्चे का सामना शेरनी से हो जाता है जो दहाड़ते हुए वहा आती है और कहती है की रुको कहा भागकर जा रहे हो आज तो शिकार खुद मेरे पास चलकर आया है तुम दोनों को खाने में बड़ा मजा आएगा।


भेड़ माँ का जवाब :- नहीं शेरनी जी आप हमे मत मारो हमें तो शेर जी ने यहाँ रुकने को बोला है और कहा की आज में अपनी शेरनी के लिए खाना ले जाऊंगा हर बार शेरनी मेरे लिए खाना लाती है।

शेरनी का सवाल :-  शेर ने लेकिन वो तुम्हे यहाँ अकेला छोड़कर कहा गए ?

भेड़ माँ का जवाब :- शेर जी ने कहाँ है की वह तुम्हे बुलाने जा रहे है।

शेरनी का सवाल :- मुझे बुलाने लेकिन में तो यहाँ हूँ ?

भेड़ माँ का जवाब :- तभी भेड़ माँ कुछ सोचती है और बोलती है है शेरनी जी वो आप को ढूढ़ने गए है ताकि आपको हमें शोप दे और भेड़ माँ कहती है आप जल्दी जाइये और शेर जी को यहाँ बुलाके लाइए।

शेरनी का सवाल :- शेरनी बोलती है तुम मुझे क्या मुर्ख समझती हो अगर में उन्हें बुलाने चली गयी तो तुम दोनों यहाँ से भाग नहीं जाओगे ?

भेड़ माँ का जवाब :- नहीं शेरनी जी हम नहीं भागेंगे क्यूंकि शेर जी ने हमपर नजर रखने के लिए यहाँ पर इस गिलहरी को छोड़ा है जो हमपर नजर रखे हुए है तभी भेड़ माँ गिलहरी को आवाज लगाती है और गिलहरी उनकी और देखती है और अपनी पूछ खड़ी कर लेती है और भेड़ माँ कहती है देखा शेरनी जी यह हमपर नजर रखे हुए है।

शेरनी का जवाब :-  ठीके मै उनको बुलाके लाती हूँ।

जैसे ही शेरनी वहा से जाती है भेड़ माँ अपने बच्चे को लेकर फ़ौरन अपने घर आ जाती है और चैन की सांस लेती है और उसके दोनों बच्चे अपनी माँ और भाई को देखकर खुश हो जाते है और कहते है माँ आप दोनों जंगल से कैसे आये और माँ कहती है बच्चो अगर मुसीबत आने पर दिमाग से काम लिया जाए तो बड़ी से बड़ी मुश्किल हल हो सकती है।


तो दोस्तों आपको इस हिंदी कहानी से क्या सीख मिली यह हिंदी कहानी हमें यह सीख देती है की हमें कभी भी किसी भी मुसीबत से निकलने के लिए धैर्य और साहस और बुद्धि से काम लेना चाहिए। 

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